दशम समुल्लास
अथ दशमसमुल्लासारम्भः विषय : आचार, अनाचार और भक्ष्याभक्ष्य मनुष्यों को सदा इस बात पर ध्यान रखना चाहिए कि जिसका सेवन राग-द्वेष रहित विद्वान लोग नित्य करें, जिसको ‘हृदय’ अर्थात् आत्मा से सत्य-कर्त्तव्य जानें, वही धर्म माननीय और करणीय समझें। -मनु-स्मृति 2//1 …सब ‘काम’ अर्थात् यज्ञ, सत्यभाषणादि-व्रत, यम, नियमरूपी [...]