दो तीन भजन (प्रथम स्तर)
पहला भजन ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनन के संकट, क्षण में दूर करे।। जो ध्यावे फल पावे, दुख विनशे मन का। सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का।। मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी। तुम बिन ओर न दूजा, आस करूं [...]