सप्तम समुल्लास
अथ सप्तमसमुल्लासारम्भः विषय : ईश्वर और वेद जो सब दिव्य गुण-कर्म-स्वभाव-विद्यायुक्त और जिसमें पृथिवी सूर्य्यादि लोक स्थित हैं और जो आकाश के समान व्यापक, सब देवों का देव परमेश्वर है, उसको जो मनुष्य न जानते, न मानते और न उसका ध्यान करते, वे नास्तिक और दुखी होते हैं। इसलिये [...]