मनुष्य को स्वतन्त्र कहना अनुचित है। क्योंकि ईश्वर की इच्छा बिना तो पत्ता भी नहीं हिलता।
शंका ५ – मनुष्य को स्वतन्त्र कहना अनुचित है। क्योंकि ईश्वर की इच्छा बिना तो पत्ता भी नहीं हिलता। समाधान – उपनिषद् में कहा है-स्वाभाविकी ज्ञानबलक्रिया च। (श्वेताश्वर उपनिषद् ६//८) अर्थात् ईश्वर का ज्ञान, बल और क्रिया स्वाभाविक है। उसमें मनुष्य जैसी इच्छा नहीं है। क्योंकि इच्छा भी अप्राप्त, उत्तम और जिसकी प्राप्ति [...]