योग से सम्बन्धित कुछ विषय
योग से सम्बन्धित कुछ विषय - अब हम योग के स्थूल स्वरूप को व योग से सम्बन्धित कुछ विषयों को जानेंगे। जब योग शब्द का प्रयोग आध्यात्मिक पृष्ठभूमि में किया जाता है तब उसका अर्थ आत्मा को परमात्मा [...]
योग से सम्बन्धित कुछ विषय - अब हम योग के स्थूल स्वरूप को व योग से सम्बन्धित कुछ विषयों को जानेंगे। जब योग शब्द का प्रयोग आध्यात्मिक पृष्ठभूमि में किया जाता है तब उसका अर्थ आत्मा को परमात्मा [...]
धर्म क्या है? - आज सबसे बड़ी समस्या इसी शब्द को लेकर है? आज के बुद्धिमानवर्ग के अनुसार मानवता सबसे बड़ा धर्म है। इस वाक्य का अर्थ तो यह निकलता है कि धर्म तो बहुत सारे होते हैं, परन्तु मानवता उनमें सबसे बड़ा है। और, सारे धर्मों में कुछ-कुछ [...]
प्रार्थना के मायने -'प्रार्थना' हमारे जीवन में महत्त्वपूर्णभूमिका निभाती है। समाज में, इसके बारे में बहुत सी गलत धारणाएं घर कर गई हुई हैं। इसलिए, यह अति-आवश्यक हो जाता है कि इसके सही प्रारूप को [...]
मानव का अंतिम लक्ष्य-मोक्ष - मोक्ष प्राप्त करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और यह उपलब्धि केवल मनुष्य ही प्राप्त कर सकता है। मोक्ष प्राप्त करने की विधि किसी भी अन्य संस्कृति में नहीं मिलती। यह हमारा दुर्भाग्य ही है कि हम इतनी बड़ी धरोहर अपने पास होते [...]
सृष्टि बनाने का प्रयोजन -ठीक है कि यह सृष्टि बनाकर ईश्वर ने अपने ज्ञान को अभिव्यक्त किया है। परन्तु क्या सृष्टि बनाने के प्रयोजन को इसी में समेट सकते हैं? जब हम जान चुके हैं कि ईश्वर का हर कार्य अपने लिए न होकर दूसरों के लिए ही [...]
ईश्वर -सत्य की राह पर चलने के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण पग है कि जो चीज जैसी है, उसको वैसी ही स्वीकार करें और उस चीज का अपने जीवन के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए [...]
हमारी संस्कृति का आधार- वेद निम्नलिखित कारणों से वेद को ईश्वरीय ज्ञान माना जाता है: हमारे आचार्यों को ज्ञान उनके आचार्यों से मिला, हमारे आचार्यों के आचार्यों को ज्ञान उनके आचार्यों से मिला। ऐसे पीछे जाते जाएं, तो सृष्टि के प्रथम मनुष्य को ज्ञान देने वाला ईश्वर के अतिरिक्त [...]
सत्य और असत्य को जानने की परीक्षाएं -भूतकाल में हम विश्व गुरु थे। अगर वास्तव में सत्य हमारी उन्नति के लिए आवश्यक है, तो हमारे पूर्वज अवश्य ही सत्य को अपनाने वाले रहे होंगे। तो क्या सत्य को मानने व जानने के लिए कोई तरीके हमारे पूर्वजों ने [...]
हमारे पूर्वज व हमारी संस्कृति की पश्चिमी संस्कृति से श्रेष्ठता पूर्वज-आजकल की परिस्थितियां कुछ ऐसी बन गई हैं कि हम सत्य न जानने के कारण अपने पूर्वजों पर किए जाने वाले आक्षेपों का यथोचित उत्तर नहीं दे पाते। यह तब तक नहीं हो सकता जब तक हमें अपने पूर्वजों [...]
सत्य और असत्य में भेद करने का हमारा सबसे महत्त्वपूर्ण साधन- बुद्धि -सत्य को मानने व जानने से पहले हमें कुछ तैयारी करने की आवश्यकता है। हमें अपनी कुछ कुछ विषयों से संबन्धित धारणाओं व मान्यताओं को संशोधित करना होगा। यह ठीक वैसा ही है, जैसे साफ साफ देखने [...]