मनुष्य के द्वारा जिस स्वरूप वाला व जिस मात्रा अर्थात् स्तर वाला अच्छा या बुरा कर्म किया जाता है तो क्या उसे फल भी उसी स्वरूप व उसी मात्रा अर्थात् स्तर वाला मिलता है?
प्रत्येक अच्छे-बुरे कर्म का फल कितनी मात्रा में सुख-दुख रूप में मिलेगा, यह ईश्वर ने अनादि काल से निश्चित कर रखा है। प्रत्येक जीवात्मा को उसी निर्धारित मात्रा के अनुसार ईश्वर कर्मों का फल प्रदान करता है। किन्तु प्रत्येक अच्छे-बुरे कर्म का फल अलग-अलग मात्रा में नहीं दिया जाता बल्कि [...]