तर्क क्या है?

 

जब, किसी वस्तु का स्वरूप ठीक से मालूम न हो और एक निश्चित क्रम के अनुरूप विचार करते हुए ऐसा प्रतीत हो कि उक्त वस्तु ऐसी होनी चाहिए, विचार की ऐसी बुद्धिपूर्वक प्रक्रिया को तर्क कहते हैं। हमारी बुद्धि ही हमें बताती है कि कौन से विचार उसे मान्य हैं व कौन से विचार उसे मान्य नहीं हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो, कौन, कब, कैसे, कहां आदि प्रश्नों का प्रयोग कर प्रमाणों द्वारा किसी विषय को जानना ही तर्क है। वस्तुतः तर्क प्रमाण नहीं हैं, पर यह प्रमाणों के विरोध में भी नहीं होते। तर्क प्रमाणों को पुष्ट करने वाले होते हैं। इनसे दूसरों के विचारों को गलत भी सिद्ध किया जाता है।

जो तर्क गलत होने पर किसी प्रमाण से अथवा किसी अन्य तर्क से झूठा सिद्ध हो जाता है, ऐसे तर्क को कुतर्क कहते हैं।

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