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कर्मों का कर्त्ता कौन है?

शरीर में इच्छापूर्वक किये जाने वाले कर्मों का कर्त्ता स्वयं जीवात्मा ही होता है। यद्यपि कर्म करने या न करने से सम्बन्धित प्रेरणा, उत्साह, आदेश, अन्य व्यक्तियों से भी मिलते हैं जो कर्म करने या न करने में निमित्त बनते हैं, किन्तु मुख्य कर्त्ता तो स्वयं शरीर में बैठा अभिमानी जीवात्मा ही है, जिसकी [...]

कर्मों का कर्त्ता कौन है?2021-04-29T12:55:04+00:00

मनुष्य कितने प्रकार के कर्मों को करता हैं अर्थात् कर्मों के भेद कितने हैं?

वैसे तो मनुष्य अपने जीवनकाल में शरीर, इन्द्रिय तथा मन से हजारों, लाखों प्रकार के कर्म करता है जिनकी गणना करनी संभव नहीं। पुनरपि अनेक दृष्टिकोण से ऋषियों ने अपने ग्रन्थों में भिन्न-भिन्न प्रकार से कर्मों के भेद किये हैं, जिनका परिगणन करके संक्षेप में हम यहाँ पर दर्शा रहे [...]

मनुष्य कितने प्रकार के कर्मों को करता हैं अर्थात् कर्मों के भेद कितने हैं?2021-04-28T14:32:38+00:00

कर्म करने के साधन कितने हैं?

नेत्रादि ज्ञानेन्द्रियाँ, हस्त-पाद आदि कर्मेन्द्रियाँ, मन, बुद्धि आदि अन्तःकरण आदि कर्मों के साधन अनेक बनतें हैं किन्तु इन समस्त कर्मों का आधार शरीर ही रहता है क्योंकि समस्त करण, शरीर रूपी पिण्ड में ही स्थित हैं। ऋषियों ने विशेष लक्षणों के आधार पर कर्म करने के साधनों के तीन वर्ग [...]

कर्म करने के साधन कितने हैं?2021-04-28T14:24:46+00:00

कर्म क्रिया प्रवृत्ति चेष्टा व्यापार प्रयत्न ये शब्द पयार्यवाची हैं या भिन्न भिन्न अर्थ वाले हैं?

प्रश्न - कर्म, क्रिया, प्रवृत्ति, चेष्टा, व्यापार, प्रयत्न ये शब्द पयार्यवाची हैं या भिन्न-भिन्न अर्थ वाले हैं? उत्तर- दर्शन शास्त्र में सामान्यतः ये सभी शब्द पर्यायवाची ही हैं, इतना ध्यान देना आवश्यक है कि शरीर में कुछ चेष्टाएँ अथवा क्रियाएँ जीव की अनिच्छापूर्वक होती हैं, उनका कर्ममीमांसा से [...]

कर्म क्रिया प्रवृत्ति चेष्टा व्यापार प्रयत्न ये शब्द पयार्यवाची हैं या भिन्न भिन्न अर्थ वाले हैं?2024-11-09T06:21:11+00:00

कर्म की परिभाषा क्या है?

दार्शनिक दृष्टिकोण से सामान्य रूप से कर्म की यह परिभाषा बनाई जा सकती है कि ‘सुख की प्राप्ति व दुख की निवृति’ के लिए जीवात्मा शरीर से, वाणी से और मन से जो चेष्टा विशेष करता है उसको ‘कर्म’ कहते हैं।         शरीर में होने वाली क्रियाओं अर्थात् चेष्टाओं को [...]

कर्म की परिभाषा क्या है?2021-04-28T14:10:21+00:00
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