क्या कर्मों का फल जीव स्वयं भी ले सकता है?
प्रश्न - क्या कर्मों का फल जीव स्वयं भी ले सकता है? उत्तर- इस विषय में एक बात जान लेनी आवश्यक है कि ‘फल भोगने में जीवात्मा परतन्त्र है’ इसका अर्थ यह नहीं लेना चाहिए कि जीवात्मा सर्वथा परतन्त्र है और अपने किसी भी कर्म का फल वह [...]