भाग्य और पुरुषार्थ में क्या भेद है, दोनों में कौन बड़ा है?
प्रश्न - भाग्य और पुरुषार्थ में क्या भेद है, दोनों में कौन बड़ा है? उत्तर- दार्शनिक दृष्टि से भूतकाल में किये कर्मों का फल जाति, आयु, भोग के रूप में मिलना ‘भाग्य’ कहलाता है और जो वर्त्तमान में कर्म किये जा रहे हैं, वह ‘पुरुषार्थ’ कहलाता है। उस [...]