मानव का अंतिम लक्ष्य-मोक्ष

– मोक्ष प्राप्त करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और यह उपलब्धि केवल मनुष्य ही प्राप्त कर सकता है। मोक्ष प्राप्त करने की विधि किसी भी अन्य संस्कृति में नहीं मिलती। यह हमारा दुर्भाग्य ही है कि हम इतनी बड़ी धरोहर अपने पास होते हुए भी दूसरी संस्कृतियों के आगे हाथ पसारे खड़े होते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यदि मोक्ष की अवधि समाप्त होने पर वापिस जन्म लेना है, तो ऐसे मोक्ष का क्या लाभ? इसका उत्तर यहीं दिया जा सकता है कि जैसे, दोबारा भूख लगना निश्चित होने पर भी हम भोजन करने को अर्थहीन नहीं मानते, ऐसे ही हमें मोक्ष के संदर्भ में समझना चाहिए।